Wi-Fi के जगह पर आ गया है Li-Fi जानिए कैसे करता है काम | What is Li-Fi  Technology

What is Li-Fi  Technology now li-fi technology has replaced WI-FI see how it will work, What is Li-Fi  Technology

आज के समय में इंटरनेट और टेक्नोलॉजी विश्व में बहुत विस्तार रूप से फेल चुका है और आज के समय में इंटरनेट को बच्चे और बूढे हर कोई इंटरनेट का यूज कर रहा है। तो आपने WI-FI का नाम तो अवश्य ही सुना होगा। और आपने इसका उपयोग भी किया होगा।

किंतु अब एक ऐसी टेक्नोलॉजी आ गई है जिसके द्वारा अब हम इस मॉडल का अर्थ किए बिना बे इंटरनेट को शेयर कर सकते और उपयोग कर सकते हैं। क्योंकि अब मात्र एक एलईडी के माध्यम से हम सुपर फास्ट इंटरनेट का उपयोग कर सकते हैं जिसका नाम Li-Fi दिया गया है। तो आज हम इस पोस्ट के माध्यम से Li-Fi technology किया है, या काम कैसे करता है, इसके क्या फायदे हैं, इसका क्या नुकसान है और इसका उपयोग किया है।

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Wi-Fi के जगह पर आ गया है Li-Fi जानिए कैसे करता है काम | What is Li-Fi  Technology

लाइफाई टेक्नोलॉजी किया है (What is Li-Fi  Technology)

Li-Fi Technology किया हैं  

लाईफाई टेक्नोलॉजी इसका पूरा नाम Light Facility है और यह एक लाइट कम्युनिकेशन सिस्टम  यह एक वायरस कम्युनिकेशन तकनीकी का उपयोग करता है जो डिवाइस को डाटा ट्रांसफर करने के लिए लाइट का इस्तेमाल करता है।

लाईफाई टेक्नोलॉजी का जनक Harald Haas को माना जाता है क्योंकि इन्होंने ही Li-Fi Technology शुरुआत साल 2011 में एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी से किए थे जो इस यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर भी हैं। और साल 2013 में उनकी कंपनी PureLiFi कापनी की द्वार पूरी दुनिया के सामने लाया गया।

यह कैसी क्या लोकेशन टेक्नोलॉजी है जो बिजली बिल के जरिए हाई स्पीड डाटा ट्रांसफर करने की क्षमता प्रदान करता है। और लाईफाई टेक्नोलॉजी का स्पीड वाईफाई से स्पीड से 100 गुना तेज है। इसमें light emitting diodes का उपयोग करता है जो डाटा को भेजने से रिसीव करने तक लाइट स्पीड का इस्तेमाल करता है। आसान भाषा में बात करें तो visual light communication system हैं जो ऑप्टिकल और वायरलेस कम्युनिकेशन का एक उप क्षेत्र है।

Li-Fi Technology के प्रोडक्ट

Li-Fi Technology का पहला प्रोडक्ट Light Flame था जो एक बार गले मोबाइल कमीनी केशन को सपोर्ट करता था। इसके बाद 2017 में उसका एक नया वर्जन लांच किया गया जिसका नाम LiFi-xc System था। जो एक प्लग एंड प्ले सिस्टम है। और इसे एक ही यूएसबी डिवाइस की तरह उपयोग किया जाता है। भविष्य में इसे स्मार्टफोन, टेबलेट और लैपटॉप आदि में एंट्रीग्रेट करने की फैसिलिटी पर काम किया जा रहा है।

Li-Fi Technology कैसे काम करता है

Li-Fi Technology की काम करने का तरीका बहुत ही साधारण है जिस तरह किसी के वेकेशन टेक्नोलॉजी में सिंगल भेजनी और रिसीव करने के लिए अलग-अलग कंपोनेंट्स होते हैं ठीक वैसे ही लाईफाई में भी तीन मुख्य कॉम्पोनेंट होते हैं। जो डाटा को ट्रांसफर करने और रिसीव करने में मदद करता है।

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  1. LED Bulb:- यह डाटा सिग्नल को ले जाने का कार्य करता है।
  2. Lamp Driver:- यह डाटा सिग्नल को ट्रांसमिट करता है।
  3. Photo Detector :- और यह डाटा सिग्नल को रिसीव करता है।

      इसी तरह से Li-Fi Technology डेटा को आदान प्रदान करता है।

Li-Fi Technology के फायदे और नुकसान

आज के समय में दुनिया में जितने भी टेक्नोलॉजी हैं इन सभी का कुछ ना कुछ फायदे और नुकसान होते ही हैं ठीक इसी प्रकार से लाईफाई टेक्नोलॉजी कभी फायदे और नुकसान निम्नलिखित है।

फायदे

  • Li-Fi Technology में किसी भी तरह के ब्रॉडबैंड वाईफाई फाइबर ऑप्टिकल केवल की कोई आवश्यकता नहीं है यह केवल लाइट कम्युनिकेशन सिस्टम के द्वारा बेटा कोई एक जगह से दूसरे जगह तक पहुंचाता है इसलिए यह सिस्टम काफी फास्ट काम करता है।
  • इसमें लाइट कम्युनिकेशन के द्वारा डेटा ट्रांसफर किया जाता है। इसलिए इसमें हैकिंग की समस्या बहुत कम होती है।
  • वाईफाई की तुलना में लाइट स्पीड की करीब 100 गुना तेज है। यह सस्ती और सुरक्षित तकनीक है।
  • लाईफाई को पर्यावरण की नजर से काफी सुरक्षित टेक्नोलॉजी माना गया है। इसलिए इसे ग्रीन टेक्नोलॉजी भी कहा जाता है। क्योंकि क्योंकि यह पर्यावरण जीव जंतु पर कोई हानिकारक प्रभाव नहीं डालती है।
  • Li-Fi Technology में बहुत कम लागत लगता है इसलिए इसे ग्रामीण क्षेत्रों में भी सुपर फास्ट इंटरनेट पहुंचाने में प्रयोग किया जा सकता है।

नुकसान

  • इसका नुकसान यह है कि जिस स्थान पर लाइट नहीं होगा उस स्थान पर हम इसे एक चीज नहीं कर सकते है। इसके लिए आपको हमेशा अपने लाइट को ऑन रखना अति आवश्यक है। इसमें एक रेंज लिमिट होती है और इससे एक रूम के अंदर इस्तेमाल कर सकते हैं। क्योंकि रियल रोशनी दीवार पर भेजा नहीं जा सकता इसलिए इसकी इंटरनेट यूनिट एक ही लोकेशन तक सीमित हो जाती है।

Li-Fi Technology का उपयोग

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Li-Fi Technology का उपयोग एयरलाइंस में किया जाता है क्योंकि यह रेडार जैसी रेडियो तरंगों पर निर्भर एरोप्लेन के उपकरण के साथ कोई हस्तक्षेप नहीं करता है।

स्कोप योग समुद्र के नीचे खोज किए जाने में लाखा टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया जाता है। क्योंकि यह पानी में प्रकाश के माध्यम से यात्रा कर सकता है।

लाईफाई टेक्नोलॉजी का उपयोग हॉस्पिटल में ऑपरेशन थिएटर में क्या जाता है क्योंकि प्रकाश से चिकित्सा उपकरणों पर बहुत कम प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा इसका उपयोग हम अपने घरों कार्यालयों में डाटा ट्रांसमिशन और इंटरनेट ब्राउजिंग के लिए कर सकते हैं।

आज के समय में वाईफाई अत्याधिक लोकप्रिय है। और ज्यादातर लोग वाईफाई का ही प्रयोग करते हैं। और बहुत कम लोग हैं जो लाईफाई टेक्नोलॉजी का प्रयोग करते हैं। इसका मुख्य कारण यह है। कि वर्तमान में एलईडी लाइट काफी महंगी है। और इसे हम अपने घरों में इंस्टॉल करना होगा जो कि वाईफाई के मुकाबले थोड़ा महंगा पड़ता है। लेकिन हां आने वाले समय में लाईफाई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल अत्याधिक मात्रा में बढ़ जाएगा।

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