IAS Success Story: ऑल इंडिया टॉपर बनी कर्नाटक की बेटी रचा इतिहास जाने सक्सेस स्टोरी

IAS Success Story: एक कहावत तो आपने हमेशा ही सुना होगा की मेहनत करने वाले की कभी हार नहीं होती। यह कहावत IAS Officer नंदिनी के . आर. के जीवन पर सटीक बैठता है। क्योंकि इन्होंने भी UPSC Exam के लिए काफी मेहनत की है लेकिन उन्हें फिर भी पहले प्रयास में सक्सेस नहीं मिली। लेकिन कहते है न की ईमानदारी से मेहनत करने वालो को एक न एक दिन सफलता जरूर मिलती है। 

ठीक उसी तरह से नंदनी भी ईमानदारी से मेहनत करती गई। और Upsc Exam के चौथे प्रयास में ऑल इंडिया नंबर 1 रैंक लाकर लोगों को चौका दिया। और कर्नाटक के प्रथम UPSC टॉपर महिला बनी और एक इतिहास रच दिया। तो आइए हम नंदिनी के. आर. के जीवन और सफलता के बारे में जानते हैं कि उन्होंने किस तरह से यूपीएससी एग्जाम की तैयारी की और ऑल इंडिय नंबर 1 रैंक हासिल की। 

IAS Nandani Borth and early life

ऑल इंडिया नंबर 1 रैंक हासिल करने वाली IAS नंदिनी के. आर. का जन्म कर्नाटक के कोलार (कोलार गोल्ड फील्ड)  जिले के कमबोडी गांव की रहने वाली है। इनका जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था। पिताजी का नाम रमेश है, जो एक सहायक स्कूल मास्टर के रूप में कार्य करते हैं। जबकि उनकी माता जी का नाम बिमला हो, जिन्होंने अपनी टीचिंग करियर को छोड़कर बच्चों की भविष्य की लिए उसकी शिक्षा में समर्थन करने लगी। 

IAS Nandini education qualification

नंदिनी ने अपने प्रारंभिक स्कूलों की शिक्षा कन्नड़ भाषा के माध्यम में स्कूल से पूरी की है। उसके बाद उन्होंने एम. एस. ऑफ टेक्नोलॉजी से सिविल इंजीनियरिंग, बेंगलुरु से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। और वहां उन्हें गोल्ड मेडल से सम्मानित भी किया गया था। उन्हें स्कूल टाइम से हीं खेलना बहुत पसंद था। उसके बाद उन्होंने एक सहायक सिविल इंजीनियर के रूप में कार्य करने लगी थी।

UPSC Preparation 

नंदिनी की सफलता की कहानी काफी चुनौती पूर्ण रहा है। और कई असफलताओं का सामना करते हुए वह अपनी सफलता को हासिल की है। उन्होंने Upsc Exam का पहला अटेम्प्ट साल 2013 में दी थी और प्रीलिम्स एग्जाम्स में फेल हो गई थी। इसका सबसे बड़ा कारण यह रहा था की उन्हें कोई उचित मार्गदर्शन मिला था। इसलिए वह असफल रही थी। 

फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और निरंतर अभ्यास करती रही। उसकी आवाज उन्होंने अपनी गलतियों को सुधारा और दूसरी अटेम्प्ट साल 2024 में दी, इस बार ऑप्शनल सब्जेक्ट कन्नड़ साहित्य था, जिस से वह बचपन से ही प्रभावित थी। इस बार वह UPSC Exam पास कर गई थी, पर उनका अंक एक आईएएस ऑफिसर बनने के लिए पर्याप्त नहीं था और इसलिए उन्हें आईआरएस ऑफिसर का पोस्ट दिया गया था। 

लेकिन उन्हें एक प्रतिष्ठित IAS officer बना था इसलिए उन्होंने अपनी गलतियों को सुधारते हुए तीसरा अटेम्प्ट साल 2015 में दी। इस बार भी उनका प्रीलिम्स निकल गया था लेकिन मैंस एग्जाम्स के समय ही उन्हें डेंगू हो गया था। इस कारण से हुआ परीक्षा में नहीं बैठ पाई और इस साल भी एक IAS officer बनाने से चूक गई। 

इस बार UPSC Exams की तैयारी करने के लिए नई दिल्ली, मुखर्जी नगर चली आई। जहां उन्होंने तैयारी के लिए एक यूपीएससी कोचिंग सेंटर ज्वाइन कर ली। एक आईएएस अधिकारी बनने के लिए उन्हें और भी अधिक कठिन परिश्रम करना पड़ा, और साल 2016 में UPSC Exam ka चौथा अटेम्प्ट दी। नंदनी के दृढ़ संकल्प और मेहनत के कारण इस बार यूपीएससी एक्जाम पास कर गई और ऑल इंडिया नंबर 1 रैंक के साथ UPSC टॉपर बनकर एक इतिहास रच दी। आपको बता दे की नंदनी कर्नाटक की पहली महिला UPSC Exam टॉपर है। 

ओला के परिणाम घोषित होने के समय नंदनी फरीदाबाद में आईआरएस अधिकारी कार्य कर रही थी। प्रणाम घोषित होने से पहले से ही उनका दोस्त लोग पहले से हैं उन्हें यूपीएससी टॉपर खाकर चढ़ाया करती थी। क्योंकि वह यूपीएससी का एग्जाम कई बार दे चुकी थी। हालांकि इस बार हकीकत में ऑल इंडिया नंबर 1 रैंक हासिल कर सच कर दिखाया। और अपने सभी दोस्तों के मुंह को बंद कर दिया।

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