IAS Success story: कम उम्र में मां बनी, बचपन में परिवार खोया फिर भी हर नहीं मानी, बिना कोचिंग बनी IAS officer

Monika Rani IAS success story : आपने काई ऐसे कई IAS और IPS officer की कहानियां सुने होंगे जिन्होंने काफी मेहनत और  संघर्ष करके वक सफल अशिकारी बना है। पर आज हम एक आइसे IAS अधिकारी के बारे में बात करने जा रहे है, जिनके माता-पिता ईबचपन में ही एक सरक दुर्घटना में मौत हो गया।और उनका विवाह कम उम्र में  ही हो गया था और एक बच्चो की माँ थी। अपने बच्चे और परिवार को सम्भालते हुए उन्होंने UPSC Exam को क्रेक किया,ऑल इंडिया 70 रैंक हासिल की और एक सफल IAS Officer बनी। 

इस IAS ऑफिसर का नाम  मोनिका रानी है, इनकी कहानी हम स्टूडेंट के लिए प्रेरणादायक है की किस तरह से एक महिला ने एक परिवार और को सम्भालते हुए। देश का सबसे बड़ा एग्जाम upsc को पास किया। तो आइये हम इनके जीवन के संफर्ष और upsc प्रिप्रेसन के बिस्ता से जानते है। 

Posting 

इस मनिका रानी की पोस्टिंग साल 2017 में उत्तर प्रदेश के फरूखाबाद में उनकी पोस्टिंग इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट सेंटर के सचिव के रूप में नियुक्त किया गया था।

Monika Rani Birth and family 

सफल ias officer मोनिका रानी उतराखंड के देहरादून जिला के नाडा लखमाडल गाँव के रहने वाली है। बहुत ही कम उम्र में ही उनके माता पिता कर चली गई, 2012 में  उनकी सड़क दुर्घटना में  मौत हो गया। उनके पिता जी का नाम गोपाल सिंह राणा और माता जी का नाम इंद्रा राणा है। और उनकी बड़ी बहन का नाम दिव्या राणा जो उन्हें संभाला और पढाई लिखी करवाई। उनके पिता जी का सपना था की वो एक ias officer बने।

Education qualification 

मोनिका रानी ने अपनी प्रारम्भिक से ले कर 12 वीं तक की पढाई सेंट जोसेफ स्कुल से पूरी की। उन्होंने वाणिज्य से ग्रेजुएशन की पढ़ाई की उसके बाद अर्थशास्त्र से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की।

उसके बाद उन्होंने मद्रास मेडिकल कॉलेज में नामांकन करवाई और वंहा से उन्होंने MBBS की पढाई पूरी की।  उसके बाद वे फिर अपने पिता के सपनों को को पूरा करने में लग गई। 

struggling life 

मोनिका रानी की शादी बहुत ही कम उम्र में साल 2005 में सादी हो गई थी, उनके बच्चे भी थे  और  दिल्ली बिजवासन में एक सरकारी स्कूल में शिक्षक का जॉब करती थी। उनका बच्चा मात्र 8 महीने का था तभी से उन्होंने सिविल सर्विसेज Exam की तैयारी करना शुरू कर दी। और बच्चों का देखभाल घरेलू गतिविधि उसके बाद स्कूल जाना इसी तरह से पूरा दिन निकल जाता था। और रात में UPSC Exam की तैयारी करते थे।

उन्हें सारा काम अकेले ही करना पड़ता था क्योंकि उनके पति का ड्यूटी कोलकाता में था। इसलिए उन्हें एग्जाम की तैयारी के लिए भी बहुत कम समय मिल पाता था मात्र 3 से 4 घंटे पढ़ाई करती थी। एग्जाम शुरू होने से कोई दिन पहले उन्होंने स्कूल से छुट्टी ले ली और पूरा फोकस UPSC Exam पर करने लगे।

UPSC Exam preparation  

मोनिका रानी जब सिविल सर्विसेज एक्जाम की तैयारी कर रही थी उसमें उनका ऑप्शनल सब्जेक्ट इतिहास और दर्शनशास्त्र था। 

मोनिका ने UPSC Exam का पहला अटेम्प्ट साल 2007 में यह थी जिसमें उन्होंने मैच तो क्लियर कर लिया था पर इंटरव्यू में असफल हो गई। इसी तरह से उन्हें लगातार दो एग्जाम में और दी जिसमे उन्हे असफलता का सामना करना पड़ा। 

UPSC Exam for attempt

फिर भी उन्होंने अपना हिम्मत नहीं हरा और ईमानदारी से मेहनत करते गई। यूपीएससी सिविल सर्विसेज एग्जम का चौथा अटेम्प्ट दिए तो उसमें प्रीलिम्स में और इंटरव्यू क्लियर कर ले और ऑल इंडिया रैंक 70वां प्राप्त की। और उन्होने अपने पिताजी की आईएएस बनने की सपना पूरी की। और एक सफर आईएएस अधिकारी बनी।

मोनिका रानी की कहानी लोगों के लिए काफी प्रेरणादायक है खास कर जो घर में रहकर या कोई काम या जॉब पर है। की किस तरह से उन्होंने घर, परिवार और बच्चे साथ स्कूल की ड्यूटी भी की फिर भी उन्होंने UPSC Exam क्लियर किया। दोस्तों अब तो बहाना बनाना छोड़ दो कि हमें टाइम नहीं मिलता है तो हम यूपीएससी के एग्जाम की तैयारी कैसे करें। जब मोनिका रानी कर सकती है तो आप क्यों नही। 

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