सनातन धर्म का प्रतीक अयोध्या राम मंदिर का इतिहास, संघर्ष, वास्तुकला, घूमने लायक जगह | Ayodhya Ram Mandir History

Ayodhya Ram Mandir History: नमस्कार दोस्तों, आज के आर्टिकल मेंआप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है, आजका आर्टिकल अयोध्या के राम मंदिर के ऊपर रहने वाला है, इस आर्टिकल में हम विस्तार से चर्चा करेंगे कि राम मंदिर कब तक बनकर तैयार हो जाएगा और राम मंदिर के कपाट भक्तों के लिए कब खोल दिए जाएंगे, जैसा कि आप जानते हैं एक

लंबे संघर्ष के बाद बाबरी मस्जिद को तोड़कर राम मंदिर बनाने की अनुमति मिली थी, इसके बाद इस मंदिर को बनाने में गवर्नमेंट ने भी सहयोग करने की इच्छा जताई थी और एक बहुत बड़े प्रोजेक्ट को शुरू किया गया था।

ऐसे में हर कोई राम मंदिर के बारे में जानकारी लेना चाहता है। सैकड़ों सालों से श्री राम जी का मंदिर अयोध्या नगरी में स्थित था, जिसको 15वीं शताब्दी में मुगल राजाओं ने तोड़कर वहां बाबरी मस्जिद का निर्माणकरवा दिया, कालांतर में इस जगह पर हिंदू मुसलमानों के बीच में कई लड़ाई झगड़े भी हुए और अंततः बाबरी मस्जिद को भी तोड़ दिया गया, जब यह मामला कोर्ट में गया तो एक लंबे अरसे के बाद फैसला हिंदुओं की तरफ आया और राम मंदिर बनाने के आदेश दिए गए।

माना जाता है कि जिस जगह पर राम मंदिर है उस जगह पर भगवान श्रीराम का जन्म हुआथा, स्वयं भगवान श्री हरि विष्णु ने राजा राम के रूप में जन्म दिया था, ऐसे में यह स्थान हिंदूधर्म के लोगों के लिए बहुत अधिक पावनऔर पवित्र माना जाता है, हर कोई इस स्थान के बारे में गहन से गहन जानकारी लेना चाहता है और आगामी मंदिर के बारे में जानना चाहता है, लोग रामलला के दर्शन के लिए आतुर हो रहे हैं, आईये दोस्तों आर्टिकल को शुरू करते हैं और पूरी जानकारी देखलेते हैं।

अयोध्या राम मंदिर का इतिहास (History of Ayodhya Ram Mandir)

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वैसे तो राम मंदिर का इतिहास हजारो सालों से जुड़ा हुआहै, लेकिन इसआर्टिकल में मैं वर्तमान मंदिर और इससे पहले स्थित मंदिर के बारे में विस्तार से बताऊंगा, दरअसल भारत में हिंदूमंदिरों की तोड़फोड़ मुगल काल में शुरू हुई थी, मुगलों ने हमारी संस्कृति को लगभग पूरी तरह से तबाह कर दिया था।

भारतीय संस्कृति को तबाह करने की इस होड़ में मंदिरों को नष्ट करना एक आम बात थी, 15 वीं शताब्दी में मुगलों द्वारा यहां पर राम मंदिर को नष्ट करके एक मस्जिद का निर्माण करवाया, जो कालांतर में बाबरी मस्जिद के नाम से प्रसिद्ध हुई, 19वीं शताब्दी में हिंदू संगठनों ने इस मस्जिद पर हमला कर दिया और काफी अधिक लड़ाई दंगे हुए।

1528 को मुगल राजा बाबर केआदेश पर अमीर बाकी नामक व्यक्ति ने यहां पर मंदिर तुड़वाकर मस्जिद का निर्माण करवाया, इनके द्वारा बनाई गई बाबरी मस्जिद के 3 घुम्बंद थे, जिसमें से बीच वाले मुख्य गुंबद के नीचे भगवान राम का जन्म स्थान बताया गया था, क्योंकि उस समय मुगलों का राज था, तथा हिंदुओं पर बहुत अधिक अत्याचार होते थे, इसलिए मुगलों ने किसी की एक ना सुनी और यहां पर मस्जिद में नमाजजोरों शोरों से चलने लगी।

राम मंदिर को लेकर हिंदुओं का संघर्ष (Struggle of Hindus regarding Ram Mandir)

1853 में इस जगह पर पहली बार इस बात को लेकर दंगे हुए, उस समय अंग्रेजी शासन था और अंग्रेजों को इस विषय में अधिक जानकारी नहीं थी, दंगे ना हो इसलिए अंग्रेजों ने विवादित जगह के आस पास बाडबंदी कर दी और बाड के अंदर मुस्लिम पक्ष को इबादत करने की इजाजत दी तथा बाड के बाहर हिंदूपक्ष को पूजा करने की छूट दी, काफी सालों तक ऐसा ही चलता रहा और 23 दिसंबर 1949 को वह दिन आया जब असली लड़ाई शुरू हुई।

23 दिसंबर 1949 को मस्जिद के मुख्य गुंबद के नीचे रामलला की मूर्तियां पाई गई हिंदूपक्ष ने दावा किया कि यहां भगवान राम प्रकट हुए हैं, और मुस्लिम पक्ष ने दावा किया कि यह मूर्तियां किसी ने बाहर से लाकर यहां पर रख दी हैं, लेकिन इस लड़ाई के बाद में राम मंदिर और बाबरी मस्जिद का मामला तूल पकड़ गया, शहर के मजिस्ट्रेट ने दंगे ना हो इसलिए विवादित जगह पर पूजा अर्चना या किसी भी प्रकार की इबादत पर रोक लगा दी।

1950 में ही हिंदूपक्ष ने विवादित जगह पर मूर्तियां स्थापित करके पूजा अर्चना करने की छूट मांगी और कुछ समय पश्चात मुस्लिम पक्ष ने भी यहां से मूर्तियां हटवाने को लेकर अर्जि लगाई, 1984 में विश्व हिंदूपरिषद ने यहां पर राम मंदिर बनाने के लिए एक बड़ी कमेटी का गठन किया, यह बात मुस्लिम पक्ष को बिल्कुल भी रास ना आई।

1986 में फैजाबाद केजज ने हिंदूपक्ष की अर्जी स्वीकार की और विवादित ढांचे में पूजा अर्चना करने के लिए मूर्तियां स्थापित करने की छूट दे दी, इसके पश्चात 6 दिसंबर 1992 को शिवसेना और लगभग सभी हिंदू संगठनों ने मिलकर विवादित ढांचे पर हमला कर दिया और बाबरी मस्जिद को तोड़ दिया, उस समय यह मामला बहुत अधिक बढ़ गया और पूरे देश भर में सांप्रदायिक दंगे हुए, इन दंगों में 2000 से अधिक लोगों की जानें गई।

साल 2002 में हिंदूसंगठन के लोगों को लेकर जा रही ट्रेन को आग लगा दी गई, यह मामला गोधरा कांड के नाम से प्रचलित है, तथा इसमें 58 हिंदुओं की मौत हो गई, इसके बाद गुजरात में भारी दंगे हुए तथा 2000 से अधिक लोगों की हत्याएं हुई। जब यह मामला 2010 में इलाहाबाद हाई कोर्ट में गया तो जज ने फैसला सुनाते हुए विवादित ढांचे को तीन हिस्सों में बांटने का आदेश दे दिया, यह फैसला किसी भी पक्ष को मंजूर न था, क्योंकि हर एक पक्ष पूरी जगह पर अपना अधिकार जता रहे थे।

इसके बाद 2011 में सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले पर रोक लगा दी, 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को कोर्ट से बाहर सेटलमेंट करने का आह्वान किया, लेकिन कोई भी पक्ष मानने को तैयार नहीं था। क्योंकि यह मामला बहुत लंबा चल रहा था, इसलिए 8 मार्च 2019 को कोर्ट ने इस फैसले को अगले 8 सप्ताह में पूर्ण करने के आदेश दिए और स्पेशल बेच बिठाया गया। 

 स्पेशल बेच केजजों ने इसके बाद 9 नवंबर 2019 को ऐतिहासिक फैसला आया तथा यह जमीन हिंदूपक्ष को संपूर्ण कर दी गई, इस फैसले में मुस्लिम पक्ष को अलग से 5 एकड़ जमीन देने के लिए कहा गया जो हिंदूपक्ष ने स्वीकार कर ली। 25 मार्च 2020 वह दिन था जब पहली बार रामलला को टेंट से बाहर निकालकर फाइबर के मंदिर में स्थापित किया गया, इसके पश्चात 5 अगस्त 2020 को मंदिर का भूमि पूजन कार्यक्रम किया गया।

भूमि पूजन कार्यक्रम से पहले मुस्लिम पक्ष के ओवैसी नामक नेता द्वारा विवादित भाषण आया जिसमें कहा गया कि बाबरी अभी जिंदा है, तथा भविष्य में यहां पर बाबरी मस्जिद ही बनाई जाएगी।

इसके कुछ समय पश्चात ही नए मंदिर का मॉडल लॉन्च हो गया, तथा एक भव्य मंदिर स्थापना करने को लेकर सरकार ने भी सहयोग करने को कहा, 2020 में रखी गई नीवं को 3 साल पूरे हो चुके हैं, और मंदिर बनने में 3 साल का ही वक्त लगने वाला था, अभी मंदिर का लगभग 80% कार्य पूर्ण हो चुका है, और कमेटी का कहना है कि 2023 के अंत तक भक्तों के लिए यह मंदिर खुल जाएगा।

अयोध्या राम मंदिर की वास्तुकला (Architecture of Ayodhya Ram Mandir)

पुराने मंदिर की वास्तुकला को लेकर अधिक प्रमाण नहीं है, लेकिन जबआप नए मंदिर में जाएंगे तो माना जाता है कि पास में एक म्यूजियम बनाया जा रहा है, जिसकेअंदर पुराने मंदिर केअवशेषों को रखा जाएगा, इसकेअलावा कुछअवशेषों को नए मंदिर निर्माण में भी इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि पुराने मंदिर जैसा ही माहौल बनाया जा सके, हालांकि नया मंदिर काफी विशाल बनाया जा रहा है, जिसके बारे में यहां पर मैं आपको पूरी जानकारी दूंगा। 

यह बहुत ही खूबसूरतऔर नक्काशीदार मंदिर है, इस मंदिर का लगभग 80% कार्य पूर्ण हो चुका है, 2023 के अंत तक मंदिर को भक्तों के लिए खोल दिया जाएगा और इसके पश्चात भी साल 6 महीने तक मंदिर में और कार्य चलता रहेगा। इस मंदिर की वास्तुकला आप ऊपर चित्र में देख सकते हैं, कि यह मंदिर कितना खूबसूरत बन रहा है।

यह इस मंदिर की असली तस्वीर है जो हाल ही में ली गई है, अभी तो इस मंदिर पर और भी कार्य होना बाकी है, इस मंदिर को कई हिस्सों में बनाया जा रहा है, और भारत के खास वास्तुकारों द्वारा इसे डिजाइन किया गया है, पूरे मंदिर में जबरदस्त नागरा वास्तुकला का इस्तेमाल किया गया है, यह मंदिर जमीन से लगभग 161 फुट ऊंचा होगा।

इस मंदिर में पूरे 360 खंभों का प्रयोग किया जाएगा, सभी खंभों पर बेहतरीन नक्काशी की गई है, और जबरदस्त डिजाइन उकेरे गए हैं, मंदिर में लगभग 5 गुंबद है, मुख्य गुंबद सबसे ऊंचा है, जिसके नीचे रामलला की मूर्ति स्थापित की गई है, और इसे गर्भ ग्रह के नाम से जाना जाएगा इसकेअलावा मंदिर का प्रांगण भी काफी विशाल है।

इस मंदिर की नीवीं में जो इंट लगाई गई है उन सभी पर राम लिखा गया है, यह पूरा मंदिर लगभग 10 एकड़ भूमि में बना हुआ है, तथा मंदिर का चबूतरा काफी ऊंचाई पर है, 10 एकड़ में केवल मुख्य मंदिर बना हुआ है, तथा पूरे मंदिर की भूमि लगभग 57 एकड़ है।

मंदिर के बीच में गर्भ ग्रह है, गर्भ ग्रह के थोड़ा आगे कुंदूमंडप बनाया गया है। इसके आगे नृत्य मंडप तथा सब से बाहर की तरफ रंग मंडप नामकजगह है, मंदिर में अलग-अलग कई देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित की गई है, तथा इस मंदिर में कुल 3 मंजिलें हैं जहां पर आप टहल सकते हैं। मंदिर में सामने की तरफ मुख्य सीढियों की चौड़ाई लगभग 16 फुट है, जैसा कि हमने पीछे बताया इस मंदिर का 80% कार्य पूर्ण हो चुका है, तथा 2023 के अंत तक यह भक्तों के लिए खोल दिया जाएगा।

राम मंदिर से जुड़े रोचक तथ्य ( Some Interesting facts about Ram Mandir)

1. मंदिर से कुछ दूरी पर जमीन में टाइम कैप्सूल दबाया जाएगा जिससे कि अगर सालों बाद मंदिर के बारे में कुछ जानकारी लेना हो तो ली जा सकती है।

2. मंदिर को उन इंटों से बनाया जाएगा जिनके ऊपर श्री राम नाम अंकित है।

3. मंदिर का निर्माण प्राचीन पद्धति से किया जाएगा इसलिए मंदिर में कहीं भी स्टील या लोहे का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।

4. सोमपुरा आर्किटेक्ट ने मंदिर का डिजाइन बनाया है सोमपुरा का यह परिवार हजारों सालों से मंदिर और भवन निर्माण में पारंगत है।

5. कर्नाटककी अंजनी नामक पहाड़ी जहां पर भगवान हनुमान का जन्म स्थान बताया गया है वहां से पत्थर लाकर मंदिर निर्माण में सहयोग किया जाएगा।

6. 2500 से अधिक स्थानों से मिट्टी एकत्रित करके मंदिर में लाई जाएगी।

7. देश केअलग-अलग नदियों का पानी भी इस्तेमाल किया जाएगा तथा कुछ स्वच्छकुंडों का पानी इस्तेमाल किया जाएगा।

8. पूरे भारत से लोग मंदिर निर्माण में सहयोग करेंगे और पूरे भारत से सोनेऔर चांदी की इंटें मंदिर निर्माण के लिए आई हैं।

9. पूरे मंदिर को वास्तु शास्त्र को ध्यान रखते हुए बनाया गया है।

10. भगवान राम केअलावा भी कई देवी-देवताओंकी मूर्तियां मंदिर में स्थापित की जाएगी।

अयोध्या राम मंदिर में घूमने की जगह (Ayodhya Ram Mandir Me Ghumne ki Jagah)

दोस्तों हमने राम मंदिर के बारे में विस्तृत जानकारी दे दी है, यहां पर हमने इतिहास तथा वर्तमान मंदिर की वास्तुकला के बारे में देख लिया है, आइए अब राम मंदिर केआसपास घूमने की जगह तथा राम मंदिर में घूमने की जगह के बारे में देखलेते हैं, इसकेअलावा हम मंदिर में रुकने की जगह है, यहां के प्रसिद्ध भोजन तथा यहां पर जाने तथा घूमने का सबसे सही समयऔर जाने के रास्तों के बारे में भी डिटेल में जानकारी लेंगे।

1. कनक भवन

यह भवन अयोध्या में ही स्थित है, यहां पर भगवान रामऔर सीता की मूर्तियां स्थापित की गई है, तथा यह स्थान अपना अलग ऐतिहासिक महत्व रखता है, अगर आप अयोध्या में जा रहे हैं तो आपको कनक भवन देखने के लिए जरूर जाना चाहिए, माना जाता है कि पुराने समय में यह भवन पुरा सोने का बना हुआथा, इस भवन को कालांतर में बहुत से मुगल राजाओंने तथा आक्रमणकारियों ने लूटा है, आज भी कनक भवन की मान्यता इतनी ही बनी हुई है।

2. अश्वगंधा यज्ञ स्थली

भगवान राम ने खुद यहां पर अश्वगंधा यज्ञ किया था, इसलिए इस स्थल को अश्वगंधा यज्ञ स्थली के नाम से जाना जाता है, यह स्थान अयोध्या में ही स्थित है, और मुख्य पर्यटन स्थलों में से एक माना जाता है, अगर आप अयोध्या जा रहे हैं तो आपको अश्वगंधा यज्ञ स्थली जरूर जाना चाहिए, यहां पर भगवान राम का खूबसूरत मंदिर बनाया गया है तथा सभी देवी देवताओंकी मूर्तियां स्थापित की गई हैं।

3. सीता की रसोई

सीता की रसोई नामक स्थान काफी प्रचलित है, क्योंकि माता सीता को अन्न देवी के रूप में भी पूजा जाता है, जिसका अर्थ है वह मां जो सभी को भोजन प्रदान करती है, सीता की रसोई नामक स्थान रामलला केजन्म स्थली के बिल्कुल पास में ही स्थित है, तथा भविष्य में स्थान को और अधिक डिवेलप किया जाएगा, जब राम मंदिर में अधिक श्रद्धालु आने लगेंगे तो सीता की रसोई से ही प्रसाद बनाया जाएगा।

4. हनुमान गढ़ी

हनुमानगढ़ी नामक यह स्थान अयोध्या में ही एक ऊंची पहाड़ी के ऊपर स्थित है, इस मंदिर तकजाने के लिए आपको पहाड़ी पर लगभग 76 सीढ़ियां चढ़नी होगी, माना जाता है कि यहां पर भगवान राम की बहुत छोटी मूर्ति स्थापित की गई है, जो बहुत अधिक धार्मिक मान्यता रखती है, इस मंदिर को इच्छा पूरी करने वाला मंदिर भी माना गया है, यहां पर जो भी भगत अपनी इच्छा लेकर जाते हैं, वह भगवान हनुमान द्वारा जरूर पूर्ण की जाती है, यहां पर भगवान हनुमान की मूर्ति उनकी माता जी के साथ में स्थापित की गई है।

5. तुलसी संग्राहलय

तुलसी संग्रहालय नामकजगह बहुत अधिक धार्मिक मान्यता रखती है, अगर आप सनातन धर्म तथा संस्कृति में रुचि रखते हैं, तो आपको तुलसीदास जी के संग्रहालय में जरूर आना चाहिए, इस संग्रहालय मेंआपको बहुत से पुराने ग्रंथ मिल जाएंगे, यह एक लाइब्रेरी के तौर पर बनाई गई है, यहां पर तुलसीदास केजीवन के बारे में भी अधिकजानने को मिलेगा।

6. रामकथा पार्क

राम कथा पार्क बहुत खूबसूरत पार्क है, अगर आप प्राकृतिक सुंदरता पसंद करते हैं तो आपको राम कथा पार्क में जरूर आना चाहिए, यहां पर आप कई प्रकार की एक्टिविटी कर सकते हैं, तथा प्रकृति केकरीब महसूस कर सकते हैं, इस पार्क मेंआपको बहुत ही खूबसूरत शांत माहौल मिलेगा, जिससेआपको काफीअनुभूति होगी, इस पार्क का ऐतिहासिक महत्व भी है, तथा अति प्राचीन कहानियां भी इस पार्क के साथ जुड़ी हुई है जो आप यहां पर आकर जान सकते हैं।

7. राजा मंदिर

राजा मंदिर सरयूनदी के तट पर बना बहुत ही खूबसूरत मंदिर है, यह एक ऐतिहासिक मंदिर है जो हिंदू वास्तुकला का खूबसूरत उदाहरण प्रदान करता है, इस मंदिर में बहुत से भगवानों की मूर्ति स्थापित की गई है, सरयूनदी के किनारे पर स्थित होने केकारण इस मंदिर की खूबसूरती और बढ़ जाती है, यहां का माहौल बहुत शांत है तथा वातावरणकाफी शुद्ध प्रतीत होता है, मेडिटेशन के लिए यह स्थान उचित माना गया हैआप नदी के किनारे पर टहल सकते हैं तथा आनंद की अनुभूति ले सकते हैं।

8. सरयूनदी

सरयूनदी की धार्मिक महत्वता सदियों से बनी हुई है, इस नदी को भगवान राम से जोड़कर देखा जाता है, यह बहुत ही शुद्ध तथा पावन नदी है, आपको इस नदी के किनारे सुबह शाम जरूर टहलना चाहिए, आप चाहे तो नदी के पानी में कई प्रकार की वाटर एक्टिविटी भी कर सकते हैं, राम मंदिर का निर्माणकार्य पूर्ण हो जाने के बाद इस नदी में कई प्रकार के डेवलपमेंट कार्य किए जाएंगे, इस नदी को स्वच्छ बनाने के लिए बहुत से काम करने अभी बाकी हैं।

9. राम मेला

भारत में करोड़ों लोग राम मंदिर दर्शन के लिए खुलने का इंतजार कर रहे हैं, मान्यता है कि 2023 के आखिर तक राम मंदिर पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगा, तथा दर्शन के लिए स्वर प्रथमखोला जाएगा, ऐसे में लाखों लोग इस मंदिर में दर्शन के लिए आएंगे, इतने लोगों केजमावड़े पर यहां मेले लगनेआम बात है, इसलिए आप जब भी रामलला के मंदिर पर जाएंगे, तो आस पास आपको मेले जरूर दिखाई देंगे, तो आप इन मेलों में धूम सकते हैं।

10. राम मंदिर पार्क

जैसे ही राम मंदिर का कार्य पूर्ण होता है तो इसके पास की जमीन पर खूबसूरत उद्यान स्थापित किया जाएगा, जिसमें भगत जन टहल सके तथा सुबह-शाम मैडिटेशन कर सकें, यह पार्क बहुत ही खूबसूरत बनाया जाएगा, जैसे ही मंदिर का निर्माणकार्य पूर्ण होता है, तथा भक्तों के लिए मंदिर खोला जाता है, उस वक्त पार्क का काम शुरू हो जाएगा, आप इसखूबसूरत पार्क में टहल पाएंगे।

अयोध्या राम मंदिर में जाने का सबसे अच्छा समय (Best Time To Visit In Ayodhya Ram Mandir In Hindi)

अगर आप अयोध्या में घूमने के लिए जाना चाहते हैं तो आप साल भर में किसी भी समय यहां पर जा सकते हैं, यहां पर गर्मी अधिक रहती है इसलिएआपको सर्दियों में ही जाना चाहिए, लेकिन अगर आप धार्मिक यात्रा के लिए जाना चाहते हैं तो आपको बता दूंकि जैसे ही मंदिर में दर्शन शुरू हो जाते हैं, तो आप त्योहारों के सीजन में यहां पर जाना प्रेफर कीजिए, क्योंकि त्योहारों के सीजन में यहां पर माहौल बहुत ही जबरदस्त बनेगा, यहां पर दिवाली जैसे त्यौहार बहुत ही अधिक धूमधाम से मनाए जाएंगे क्योंकि पिछले 600 सालों से मंदिर पहली बार भक्तों के लिए खुल रहा है।

अयोध्या राम मंदिर में रुकने की जगह (Where To Stay In Ayodhya Ram Mandir In Hindi)

अयोध्या राम मंदिर के पास में लाखों लोगों के रुकने के लिए कई धर्मशालाएं तथा मंदिर कमेटी द्वारा बड़े स्थान बनाए जाएंगे, जहां पर आप रुक पाएंगे, इसकेअलावा अयोध्या शहर की डेवलपमेंट कुछ अलग ही लेवल पर होगी, यहां पर आपको बहुत सेखूबसूरत होटल मिलेंगे, अगर आप मंदिर केकपाट खुलने से पहले यहां पर

जाना चाहते हैं, तो आजके समय में भी यहां पर आप 500 से 1000 रुपए में एक रात के लिए जबरदस्त होटल लेकर रह सकते हैं, लेकिन जब मंदिर में पूजा अर्चना शुरू हो जाएगी उस समय लाखों लोगों के ठहरने के लिए स्थान बनाए जाएंगे।

अयोध्या का प्रसिद्ध भोजन (Famous Food of Ayodhya In Hindi)

अगर मैंआपको अयोध्या के कुछ प्रसिद्ध भोजन के बारे में बताऊं, तो यहां पर छोले भटूरे, रुमाली रोटी, बैंगन का भर्ता, लिट्टी चोखा, समोसा तथा पराठे अत्यधिक प्रचलित है, यहां पर जाकर आपको यह सभी जरूर ट्राई करने चाहिए, अगर आप राम मंदिर में दर्शन के लिए जाएंगे, तो आपको पास के स्थानों पर यह सभी सुविधाएं मिल जाएंगी, इसके अलावा आपको मंदिर में प्रसाद भी जरूर ग्रहण करना चाहिए।

अयोध्या राम मंदिर कैसे जाएं? (How to reach Ayodhya Ram Mandir?)

1. सड़क मार्ग से अयोध्या राम मंदिर कैसे जाएं? (How To Reach Ayodhya Ram Mandir By Road)

आप नेशनल हाईवे नंबर 34 सेआसानी से अयोध्या मेंआसकते हैं, इसके बाद अयोध्या की लोकल सड़कों के माध्यम से रामलला के मंदिर तक पहुंच सकते हैं, इस मंदिर तक नई सड़कों का निर्माण किया जा रहा है, जो काफी चौड़ी तथा खूबसूरत सड़के हैं, जिससे कि यात्रियों को यहां तकआने में अधिक परेशानी का सामना ना करना पड़े।

2. ट्रेन से अयोध्या राम मंदिर कैसे जाएं? (How To Reach Ayodhya Ram Mandir By Train)

राम घाट रेलवे स्टेशन मंदिर परिसर के सबसे करीब रेलवे स्टेशन रहेगा, जो मंदिर से केवल 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगा, यह रेलवे स्टेशन देश के बाकी स्थानों से बहुत जबरदस्त कनेक्टिविटी रखेगा, इस रेलवे स्टेशन का निर्माणकार्य पूर्ण हो जाने के बादआप देश भर से कहीं से भी आपाएंगे।

3. हवाई जहाज से अयोध्या राम मंदिर कैसे जाएं? (How To Reach Ayodhya Ram Mandir By Flight)

लखनऊ एयरपोर्ट यहां का सबसे करीबी एयरपोर्ट रहेगा, इसके अलावा आप प्रयागराज तथा वाराणसी एयरपोर्ट से भी अयोध्या मेंआसानी से पहुंच सकते हैं, एयरपोर्ट पर आने के बाद मंदिर परिसर तकआने के लिए आप बस या टैक्सी की सहायता ले सकते हैं।

अयोध्या राम मंदिर जाने और घूमने में कितने रुपए खर्च होगा? (How much money will it cost to visit Ayodhya Ram Mandir?)

अयोध्या के राम मंदिर में जाननेऔर घूमने में कितने रुपए खर्च होंगे यह पूरी तरह सेआप पर निर्भर करता है, सबसे पहले तो अपने स्थान से अयोध्या के राम मंदिर तकजाने का खर्च देखलीजिए, इसके बाद रही रहने और खाने-पीने की बात तो आपको बता दूंकि मंदिर के निकट रहने के लिए उचित स्थान बनाए जाएंगे, जिनका पहले सेखर्च बताना काफी मुश्किल है।

अगर आप आजके समय में आस पास के होटल का किराया देखें, तो 500 से 1000 रुपए में आप एक रात के लिए होटल ले पाएंगे, फिलहाल मंदिर निर्माणकार्य के कारण कई रिस्ट्रिक्शन लगाई गई है, लेकिन यह सभी प्रतिबंध जल्द ही हटा दिए जाएंगे।

इस मंदिर में सभी लोगों के लिए इंट्री बिल्कुल फ्री होगी, तथा किसी भी प्रकार का कोई प्रतिबंध नहीं होगा, यह पूरी तरह से आप पर निर्भर करता है कि आप पूजा अर्चना में कितने रुपए खर्च करते हैं, मान्यता है कि जब मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए जाएंगे, उस समय प्रसाद के रूप में फ्री में भोजन दोनों समय करवाया जाएगा तथा मंदिर के पास में ही रहने की उचित व्यवस्था भी फ्री में की जाएगी।

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